दिल्ली के पास कॉर्पोरेट आउटिंग — Veda Adventures Park, Noida

दिल्ली के पास कॉर्पोरेट आउटिंग — बिना ओवरनाइट ट्रिप के

ओवरनाइट ऑफ़साइट में बजट, अप्रूवल और लॉजिस्टिक्स सब बढ़ जाते हैं। एक दिन का आउटडोर ऑफ़साइट ज़्यादा आसान पड़ता है — सुबह निकलो, शाम को वापस। दिल्ली से नोएडा सेक्टर 150 एक्सप्रेसवे के रास्ते आसानी से पहुँच जाते हैं।

एक दिन में क्या-क्या हो सकता है

35+ एक्टिविटीज़ में से टीम के हिसाब से चुन सकते हैं। ज़्यादातर कंपनियाँ ये कॉम्बिनेशन लेती हैं:

  • सुबह — आइस-ब्रेकर और ग्रुप गेम्स
  • दोपहर से पहले — रोप कोर्स, कमांडो नेट, रॉक क्लाइम्बिंग
  • लंच — इन-हाउस कैफ़े
  • शाम — टग ऑफ वॉर या क्रिकेट, फिर वापसी

दिल्ली से पहुँचना

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्शन है। साउथ और ईस्ट दिल्ली से रास्ता सीधा पड़ता है। 100+ गाड़ियों की फ्री पार्किंग है, तो कंपनी की बसें और कैब दोनों आराम से खड़ी हो जाती हैं।

बजट

Adults Pass ₹799 प्रति व्यक्ति में ग्राउंड एक्टिविटीज़ आ जाती हैं। ATV और पैरामोटरिंग अलग टिकट हैं और किसी कॉर्पोरेट पैकेज में शामिल नहीं होतीं।

एक दिन का ऑफ़साइट क्यों बेहतर पड़ता है

ओवरनाइट ऑफ़साइट में होटल, कमरे, रात का खाना और अगले दिन की वापसी — सब जोड़ना पड़ता है। बजट अप्रूवल भी मुश्किल होता है।

एक दिन के आउटडोर ऑफ़साइट में सुबह निकलिए, शाम को वापस। न होटल का ख़र्च, न ओवरनाइट की ज़िम्मेदारी, और टीम को वही खुलापन मिल जाता है।

एक्टिविटी की पूरी लिस्ट टीम बिल्डिंग गाइड में देखिए।

दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से रास्ता

कहाँ सेरास्ता
साउथ दिल्लीकालिंदी कुंज → नोएडा एक्सप्रेसवे → सेक्टर 150
ईस्ट दिल्लीDND → नोएडा एक्सप्रेसवे → सेक्टर 150
सेंट्रल दिल्लीDND होते हुए, सुबह जल्दी निकलें
गुड़गाँवलंबा रास्ता — सुबह 8 बजे से पहले निकलिए

कंपनी बसों के लिए बड़ी पार्किंग उपलब्ध है।

क्या-क्या करा सकते हैं

  • टग ऑफ वॉर — डिपार्टमेंट बनाम डिपार्टमेंट
  • ऑब्स्टेकल रोप कोर्स — भरोसा बनाने वाली एक्टिविटी
  • कमांडो नेट और टायर वॉल — बिना मदद के पार करना मुश्किल
  • क्रिकेट बॉक्स और वॉलीबॉल — हेल्दी कॉम्पिटिशन
  • आर्चरी और शूटिंग — शांत और फ़ोकस वाली
  • कैरम, चेस, डार्ट — जो लोग दौड़-भाग नहीं करना चाहते

बजट का अनुमान

Adults Pass ₹799 प्रति व्यक्ति में सारी ग्राउंड एक्टिविटीज़ आ जाती हैं। यानी 30 लोगों की टीम के लिए लगभग ₹23,970।

इसमें ATV और पैरामोटरिंग शामिल नहीं हैं। खाना और ट्रांसपोर्ट अलग से जोड़िए। पार्किंग फ्री है।

पूरी प्राइस लिस्ट टिकट प्राइस गाइड पर है।

नोएडा की टीमों के लिए

अगर आपका ऑफिस नोएडा में ही है तो रास्ता और छोटा पड़ेगा। नोएडा-स्पेसिफ़िक प्लानिंग नोएडा कॉर्पोरेट टीम आउटिंग गाइड में दी है।

दिल्ली की टीमों के लिए दिन का ढाँचा

दिल्ली से आने वाली टीमों के लिए सबसे बड़ा फ़ैक्टर ट्रैफ़िक है। इसलिए दिन कुछ ऐसे बाँटिए:

  • 8:00–8:30 AM — ऑफिस या तय जगह से निकलना
  • 9:30–10:00 AM — पहुँचना, चाय और आइस-ब्रेकर
  • 10:00 AM–1:00 PM — मुख्य टीम एक्टिविटीज़
  • 1:00–2:00 PM — लंच
  • 2:00–4:30 PM — कॉम्पिटिशन राउंड और ग्रुप गेम्स
  • 5:00 PM — वापसी, ताकि शाम का ट्रैफ़िक कम मिले

किन बातों का ध्यान रखें

दिल्ली से आ रही टीम के साथ कुछ अतिरिक्त बातें ध्यान में रखनी पड़ती हैं।

सबसे पहले, एक ही जगह से सब निकलें तो अच्छा — अलग-अलग निकलने पर आधे लोग देर से पहुँचते हैं। दूसरा, बस या टेम्पो ट्रैवलर बुक करना कैब से सस्ता और आसान पड़ता है।

तीसरा, वापसी का समय पहले से बता दीजिए ताकि लोग अपनी शाम की योजना बना सकें। और चौथा, रास्ते में एक छोटा ब्रेक रखिए — ख़ासकर अगर टीम बड़ी हो।

नोएडा से आने वाली टीमों के लिए नोएडा गाइड ज़्यादा प्रासंगिक रहेगी।

ट्रांसपोर्ट कैसे मैनेज करें

दिल्ली से टीम लाने में सबसे ज़्यादा उलझन ट्रांसपोर्ट की होती है। तीन तरीक़े चलते हैं।

कंपनी बस या टेम्पो ट्रैवलर — सबसे आसान और किफ़ायती। सब एक साथ चलते हैं, रास्ते में ही माहौल बन जाता है। 25+ लोगों के लिए यही सही रहता है।

कैब पूल — छोटी टीम के लिए ठीक है। 4–5 गाड़ियों में बाँट दीजिए और हर गाड़ी में एक ज़िम्मेदार व्यक्ति रखिए।

अपनी गाड़ी — लोगों को अपनी गाड़ी लाने देना सबसे लचीला विकल्प है, पर सब अलग-अलग समय पर पहुँचते हैं। पार्किंग फ्री और पर्याप्त है, इसलिए जगह की चिंता नहीं।

जो भी चुनें, निकलने का समय एक रखिए और एक व्यक्ति को गिनती की ज़िम्मेदारी दीजिए।

किस तरह की कंपनियाँ यहाँ आती हैं

दिल्ली एनसीआर की अलग-अलग तरह की कंपनियाँ यहाँ टीम आउटिंग के लिए आती हैं, और हर एक की ज़रूरत थोड़ी अलग होती है।

आईटी और स्टार्टअप टीमें — ये ज़्यादातर स्क्रीन के सामने बैठी रहती हैं, इसलिए इनके लिए शारीरिक एक्टिविटीज़ और खुली हवा सबसे ज़्यादा असर करती है।

सेल्स टीमें — इनमें कॉम्पिटिशन का माहौल पहले से रहता है, तो पॉइंट सिस्टम और टूर्नामेंट अच्छे चलते हैं।

बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियाँ — इनके ग्रुप बड़े होते हैं, इसलिए रोटेशन और पहले से कोऑर्डिनेशन ज़रूरी होता है।

छोटी एजेंसियाँ — 10–20 लोगों की टीमें पूरे दिन साथ रह सकती हैं, अलग ग्रुप बनाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

ऑफ़साइट की तारीख़ चुनते वक़्त

तारीख़ का चुनाव आउटिंग की सफलता में बड़ा हिस्सा रखता है।

महीने के आख़िरी हफ़्ते से बचिए — क्लोज़िंग और रिपोर्टिंग का दबाव रहता है और लोग मन से शामिल नहीं हो पाते।

शुक्रवार सबसे लोकप्रिय दिन है क्योंकि उसके बाद वीकेंड मिल जाता है। पर ध्यान रखिए कि शुक्रवार को एक्सप्रेसवे पर शाम का ट्रैफ़िक ज़्यादा रहता है।

लंबी छुट्टी से ठीक पहले या बाद में मत रखिए — आधी टीम पहले ही छुट्टी पर होती है।

और सबसे ज़रूरी, तारीख़ कम से कम तीन हफ़्ते पहले घोषित कर दीजिए ताकि लोग अपने काम की योजना उसी हिसाब से बना सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दिल्ली से कितनी दूर है?

नोएडा सेक्टर 150, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ — दिल्ली से गाड़ी द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।

क्या एक दिन में सब हो जाएगा?

हाँ, सुबह के स्लॉट से शुरू करें तो शाम तक पूरा प्लान हो जाता है।

बसों की पार्किंग होगी?

हाँ, बड़ी पार्किंग उपलब्ध है।

दिल्ली से कितना समय लगेगा?

ट्रैफ़िक पर निर्भर, पर सुबह जल्दी निकलें तो एक्सप्रेसवे से आसानी से पहुँच जाते हैं।

क्या कंपनी बस की पार्किंग मिलेगी?

हाँ, बड़ी पार्किंग उपलब्ध है।

एक दिन का ऑफ़साइट प्लान करें

तारीख़ और टीम साइज़ बताइए — बाकी हम देख लेंगे।